झाबुआ टाइम्स
झाबुआ जिले के थांदला स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में हुए क्लोरीन गैस रिसाव के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा कर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि यह घटना प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। प्लांट में सुरक्षा के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रीना बोरासी ने आरोप लगाया कि प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों के पास न तो सुरक्षा किट उपलब्ध थी और न ही कोई अलार्म सिस्टम या केमिकल रेजिस्टेंट सूट मौजूद था। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पीड़ितों को मुआवजा और बेहतर इलाज की मांग
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने गैस रिसाव से प्रभावित 49 नागरिकों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों का इलाज इंदौर के निजी अस्पतालों में कराया जाए।
साथ ही, प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई।
उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि गैस का असर लोगों के फेफड़ों और आंखों पर स्पष्ट देखा गया है।
रीना बोरासी ने झाबुआ में गहराते जल संकट को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिले को जल अभावग्रस्त घोषित करना भाजपा सरकार की “नल-जल योजना” की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब जिले के जिम्मेदार पदाधिकारियों के सरकारी आवास ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा।
आदिवासी समाज से एकजुट होने की अपील
महिला कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोरासी ने कहा कि पिछले दो दशकों से आदिवासी समाज की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने भाजपा शासन पर संविधान को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाज से एकजुट होकर आगे आने की अपील की।
भव्य स्वागत और संगठनात्मक चर्चा
झाबुआ आगमन पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई।
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